एमपी बोर्ड की 10वीं-12वीं परीक्षाओं के शेड्यूल में फेरबदल की तैयारी, छात्र आधिकारिक घोषणा का करें इंतजार
बदलाव की मुख्य वजह: अन्य परीक्षाओं और त्योहारों का टकराव
जबलपुर संभाग के शिक्षा अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा पूर्व में घोषित 10वीं और 12वीं की समय-सारणी में कुछ तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनें सामने आई हैं। फरवरी और मार्च के दौरान कुछ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे JEE और NEET के प्रारंभिक चरण) की तारीखें बोर्ड परीक्षाओं से टकरा रही हैं। इसके अलावा, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ स्थानीय त्योहारों और सार्वजनिक अवकाशों के कारण परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन में समस्या आ रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडल अब कुछ मुख्य विषयों के पेपर की तारीखों को आगे-पीछे करने की योजना बना रहा है।
छात्रों और शिक्षकों की चिंता
परीक्षा के समय में संभावित बदलाव की खबर फैलते ही जबलपुर के छात्रों और शिक्षकों में बेचैनी का माहौल है। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के ऐन वक्त पर बदलाव होने से छात्रों की तैयारी की लय (Rhythm) बिगड़ जाती है। मॉडल स्कूल जबलपुर के एक वरिष्ठ शिक्षक ने बताया कि छात्र पहले से ही अपना स्टडी प्लान (Study Plan) पुराने टाइम-टेबल के हिसाब से बना चुके हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग का तर्क है कि यह बदलाव छात्रों की सुविधा के लिए ही किया जा रहा है ताकि उन्हें अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और वे बिना किसी दबाव के बोर्ड परीक्षा दे सकें।
जबलपुर जिले में परीक्षा केंद्रों की स्थिति
जबलपुर जिले में इस वर्ष 10वीं और 12वीं को मिलाकर लगभग 80,000 से अधिक छात्र परीक्षा में बैठने वाले हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के अनुसार, जिले में लगभग 150 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यदि टाइम-टेबल में बदलाव होता है, तो प्रशासन को इन केंद्रों पर तैनात होने वाले पर्यवेक्षकों (Invigilators) और सुरक्षा बलों की ड्यूटी लिस्ट में भी संशोधन करना होगा। विशेष रूप से संवेदनशील केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
शिक्षा मंडल का आधिकारिक रुख
माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभी टाइम-टेबल में बदलाव का प्रस्ताव प्रक्रिया में है। उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी फर्जी (Fake) टाइम-टेबल पर भरोसा न करें। नया और संशोधित शेड्यूल केवल मंडल की आधिकारिक वेबसाइट mpbse.nic.in पर ही जारी किया जाएगा। बोर्ड यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि यदि बदलाव करना अनिवार्य है, तो उसे कम से कम 15-20 दिन पहले सार्वजनिक कर दिया जाए ताकि छात्रों को मानसिक रूप से तैयार होने का समय मिले।
अभिभावकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को इस संभावित बदलाव के कारण तनाव में न आने दें। मनोविज्ञान के विशेषज्ञों का कहना है कि समय का थोड़ा सा हेर-फेर छात्रों को रिवीजन (Revision) के लिए अतिरिक्त समय भी दे सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और बच्चों के खान-पान और नींद का विशेष ध्यान रखें। जबलपुर के कलेक्ट्रेट कार्यालय में भी एक शिक्षा हेल्प डेस्क बनाई गई है, जहाँ से छात्र किसी भी प्रकार की शंका का समाधान कर सकते हैं।
नकल रोकने के लिए कड़े कदम
शेड्यूल में बदलाव के साथ-साथ, इस बार बोर्ड परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। जबलपुर के सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य किए गए हैं और प्रश्नपत्रों के बंडल ले जाने वाली गाड़ियों में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है। फ्लाइंग स्क्वाड (उड़नदस्ता) की संख्या में भी 20% की बढ़ोतरी की गई है ताकि नकल की गुंजाइश न रहे।




