राजनीति की आड़ में रसूख का दुरुपयोग: जबलपुर में यूथ कांग्रेस नेता पर बलात्कार का मामला दर्ज, शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
जबलपुर। संस्कारधानी के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब यूथ कांग्रेस के एक नवनिवेशित पदाधिकारी के खिलाफ बलात्कार और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया। जबलपुर के लार्डगंज पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने एक युवती को अपने रसूख और पद का डर दिखाया और शादी का झूठा वादा कर उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता युवती के अनुसार, वह आरोपी (जो यूथ कांग्रेस का नवनिर्वाचित सचिव बताया जा रहा है) से पिछले कुछ समय से परिचित थी। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले उससे दोस्ती की और फिर उसे शादी का झांसा देकर अपने विश्वास में ले लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि कुछ महीने पहले आरोपी उसे घूमने के बहाने गोवा ले गया था, जहाँ उसने नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने जल्द ही शादी करने का वादा कर उसे शांत करा दिया।
ब्लैकमेलिंग और धमकी का आरोप
एफ़आईआर के मुताबिक, वारदात केवल एक बार तक सीमित नहीं रही। युवती का आरोप है कि आरोपी ने गोवा में उसकी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर वह उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा और जबलपुर के अलग-अलग स्थानों पर उसका शारीरिक शोषण किया। जब भी पीड़िता शादी की बात करती, आरोपी अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देता था।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
चूंकि आरोपी यूथ कांग्रेस का एक सक्रिय चेहरा है, इसलिए इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के नैतिक मूल्यों पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेतृत्व का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी को पार्टी से तुरंत निष्कासित कर दिया जाएगा। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल परीक्षण
लार्डगंज थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (पूर्व में आईपीसी की धारा 376 और अन्य) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और उसके न्यायालयीन बयान (164 के तहत) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और कार्यालय पर दबिश दे रही है, हालांकि बताया जा रहा है कि मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार है।
संस्कारधानी की छवि पर दाग
जबलपुर, जिसे अपनी संस्कृति और संस्कारों के लिए जाना जाता है, वहाँ एक उभरते हुए राजनेता पर इस तरह के आरोप लगना शहर की छवि पर सवालिया निशान खड़े करता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी अच्छी बात है, लेकिन जब शक्ति का उपयोग किसी का शोषण करने के लिए किया जाता है, तो यह समाज के लिए खतरनाक संकेत है।
निष्कर्ष: न्याय की उम्मीद
इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं। अब सबकी नजरें पुलिस की जांच और न्यायालय की कार्रवाई पर टिकी हैं। पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। यह मामला समाज के लिए एक सबक है कि किसी पर भी अंधा विश्वास करना और धमकियों के आगे झुकना गलत है।





