जबलपुर फ्लाईओवर प्रोजेक्ट पर रार: अधूरे निर्माण के खिलाफ कांग्रेस की ‘न्याय पद यात्रा’, विधायक का अल्टीमेटम— ‘शहर को धूल से आजादी दिलाएंगे’
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में विकास का प्रतीक माना जाने वाला ‘फ्लाईओवर प्रोजेक्ट’ अब शहर की जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। निर्माण कार्य में हो रही अत्यधिक देरी, उड़ती धूल और सड़कों की बदहाली को लेकर राजनीति गरमा गई है। इसी क्रम में, जबलपुर उत्तर के कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा।
विधायक ने घोषणा की है कि शहरवासियों की पीड़ा को आवाज देने के लिए कल यानी 30 जनवरी (शहीद दिवस) को शहर में विशाल ‘न्याय पद यात्रा’ निकाली जाएगी।
फ्लाईओवर बना ‘फांस’: विधायक के गंभीर आरोप
पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि जो फ्लाईओवर 2 साल पहले बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, वह आज भी अधूरा पड़ा है। उन्होंने प्रशासन पर ‘लापरवाही और कमीशनखोरी’ का आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए:
- स्वास्थ्य का संकट: फ्लाईओवर के पिलरों के बीच से उड़ती धूल ने दमोह नाका, रानीताल और मदन महल जैसे इलाकों के निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। लोगों को सांस की बीमारियां हो रही हैं।
- व्यापारियों का नुकसान: लंबे समय से रास्ता बंद होने और धूल के कारण मुख्य बाजारों के व्यापारियों का धंधा चौपट हो चुका है।
- समय सीमा की अनदेखी: प्रोजेक्ट की डेडलाइन बार-बार बढ़ाई जा रही है, लेकिन निर्माण की गति कछुआ चाल से भी धीमी है।
30 जनवरी: ‘न्याय पद यात्रा’ का रोडमैप
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। विधायक ने बताया कि यह यात्रा केवल राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई है।
- यात्रा का मार्ग: यह पद यात्रा शहर के उन प्रमुख हिस्सों से गुजरेगी जहाँ फ्लाईओवर का काम सबसे अधिक प्रभावित है। दमोह नाका से शुरू होकर यह यात्रा रानीताल और मदन महल तक जाएगी।
- गांधीवादी विरोध: 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि होने के कारण, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे ‘मौन’ और ‘शांतिपूर्ण’ तरीके से निकालने का निर्णय लिया है, ताकि शासन को उनकी संवेदनहीनता का आईना दिखाया जा सके।
- जनसमर्थन: यात्रा में स्थानीय व्यापारियों, ऑटो चालकों और उन नागरिकों को शामिल होने का आह्वान किया गया है जो रोजाना इस जाम और धूल का सामना करते हैं।
धूल और गड्ढों से बेहाल शहर
जबलपुर का हृदय स्थल वर्तमान में निर्माण सामग्री के मलबे में तब्दील हो चुका है। बारिश में यहाँ कीचड़ होता है और ठंड के दिनों में धूल के गुबार उठते हैं। विधायक ने तंज कसते हुए कहा कि प्रशासन “स्मार्ट सिटी” का दावा तो करता है, लेकिन जमीन पर लोग बुनियादी सड़कों के लिए तरस रहे हैं। फ्लाईओवर के नीचे की सर्विस रोड पूरी तरह से छलनी हो चुकी हैं, जिससे आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
प्रशासन और सत्ता पक्ष का पक्ष
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि तकनीकी कारणों और कुछ स्थानों पर भू-अधिग्रहण में देरी की वजह से प्रोजेक्ट की गति धीमी हुई थी। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार, अब काम में तेजी लाई जा रही है और जल्द ही मुख्य स्पैन डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, जनता इन आश्वासनों से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।
निष्कर्ष
विधायक लखन घनघोरिया की यह ‘न्याय पद यात्रा’ जबलपुर की राजनीति में फ्लाईओवर मुद्दे को केंद्र में ले आई है। 30 जनवरी की यह यात्रा न केवल विपक्ष की ताकत दिखाएगी, बल्कि आने वाले दिनों में प्रशासन पर प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने का दबाव भी बढ़ाएगी।
जबलपुर की जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धूल मुक्त सड़कें और समय पर पूरा होने वाला फ्लाईओवर चाहती है।




