जबलपुर में कर्ज के दलदल ने ली एक और जान: सूदखोर महिला की प्रताड़ना से तंग युवक ने किया सुसाइड, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
घटना का दर्दनाक विवरण
जबलपुर के कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक मोहल्ले में उस समय मातम पसर गया, जब 28 वर्षीय विकास पासी का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। विकास एक निजी संस्थान में छोटी सी नौकरी करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। परिजनों के अनुसार, विकास पिछले कई दिनों से गुमसुम था और घर पर आने वाले अनजान फोन कॉल्स से काफी डरा हुआ रहता था। बुधवार की सुबह जब वह काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला, तो परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा, जहाँ उसका शव लटका हुआ था। मौके पर पहुंची पुलिस को एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें मौत की वजह सूदखोरों द्वारा दी जा रही मानसिक प्रताड़ना बताई गई।
कर्ज का चक्रव्यूह और प्रताड़ना
पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि विकास ने कुछ महीने पहले अपनी बहन की शादी या किसी घरेलू आपात स्थिति के लिए क्षेत्र की ही एक रसूखदार महिला से मात्र 20,000 रुपये उधार लिए थे। हालांकि विकास ने मूलधन की एक बड़ी किश्त वापस कर दी थी, लेकिन सूदखोर महिला उस पर ‘चक्रवृद्धि ब्याज’ (Compound Interest) के नाम पर भारी रकम का दबाव बना रही थी। आरोपी महिला ने विकास का एटीएम कार्ड और बैंक की पासबुक भी अपने पास गिरवी रख ली थी। हर महीने विकास का पूरा वेतन वह महिला निकाल लेती थी और उसे खर्च के लिए एक रुपया भी नहीं देती थी। जब विकास ने इसका विरोध किया, तो महिला ने उसे घर में घुसकर पीटने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी।
सुसाइड नोट में छलका दर्द
विकास ने मरने से पहले लिखे अपने पत्र में विस्तार से बताया कि कैसे आरोपी महिला उसे हर दिन फोन पर गंदी गालियां देती थी। सुसाइड नोट में लिखा था, “मैंने पैसे लौटा दिए हैं, फिर भी वह मुझे जीने नहीं दे रही है। वह मेरे ऑफिस तक पहुंच गई और वहां मुझे चोर साबित कर दिया। अब मेरे पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।” पुलिस ने इस सुसाइड नोट को एक महत्वपूर्ण साक्ष्य (Evidence) माना है। विकास के पड़ोसियों ने भी गवाही दी कि आरोपी महिला अक्सर उसके घर के बाहर आकर चिल्लाती थी और परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
एसपी जबलपुर के निर्देश पर कैंट थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और मध्य प्रदेश ऋणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस की एक विशेष टीम ने दबिश देकर आरोपी महिला को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान महिला के पास से कई अन्य लोगों के कोरे चेक, आधार कार्ड और पासबुक बरामद हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह बड़े पैमाने पर अवैध सूदखोरी का धंधा चला रही थी। पुलिस अब उन अन्य पीड़ितों की भी तलाश कर रही है जो इस महिला के जाल में फंसे हुए हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
इस घटना ने जबलपुर पुलिस को ‘सूदखोरी विरोधी अभियान’ (Anti-Usury Campaign) को फिर से तेज करने पर मजबूर कर दिया है। जिला प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें अवैध रूप से कर्ज देकर परेशान कर रहा है या मनमाना ब्याज वसूल रहा है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने में या सीधे हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं। जबलपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस के बिना ब्याज पर पैसे देना और लोगों को धमकाना एक गंभीर अपराध है, जिसमें आरोपी की संपत्ति कुर्क करने तक का प्रावधान है। विकास की मौत ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे चंद हजार रुपयों के लालच में इंसानियत को सूली पर चढ़ाया जा रहा है।





