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बरेला हिट-एंड-रन कांड: 5 महिलाओं को कुचलने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार, बिना लाइसेंस ‘यमराज’ बनकर सड़क पर दौड़ रहा था चालक

जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई उस हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था, जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे चल रही 5 महिला मजदूरों को बेरहमी से कुचल दिया था। आज इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गहन छानबीन और घेराबंदी के बाद इस भीषण हादसे के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तारी के बाद हुई प्रारंभिक जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं बल्कि सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोलते हैं। पुलिस ने खुलासा किया है कि जिस आरोपी के हाथ में इतनी तेज रफ्तार कार की स्टीयरिंग थी, उसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) तक नहीं था।

घटना का मंजर: जब चीखों से गूंज उठा बरेला मार्ग

यह हादसा उस समय हुआ था जब बरेला क्षेत्र में काम खत्म कर 5 महिलाएं पैदल अपने घर की ओर लौट रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीछे से आ रही एक अनियंत्रित कार ने इन महिलाओं को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वे सड़क से कई फीट दूर जा गिरीं।

  • आरोपी की निर्दयता: टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक ने एक पल के लिए भी गाड़ी नहीं रोकी। वह घायलों को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया।
  • घायलों की स्थिति: इस हादसे में घायल हुई महिलाओं में से दो की स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है, जिनका इलाज जबलपुर के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। अन्य तीन महिलाओं को गंभीर चोटें आई हैं।

पुलिस की कार्रवाई: सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से मिली सफलता

घटना के बाद से ही बरेला पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास के लगभग 15 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

  1. वाहन की पहचान: फुटेज के आधार पर कार के रंग और मॉडल की पहचान की गई। इसके बाद आरटीओ (RTO) रिकॉर्ड से संदिग्ध वाहनों की सूची निकाली गई।
  2. घेराबंदी और गिरफ्तारी: पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी शहर छोड़कर भागने की फिराक में है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और आरोपी को धर दबोचा।
  3. कार बरामदगी: पुलिस ने उस कार को भी बरामद कर लिया है, जिसके अगले हिस्से में एक्सीडेंट के निशान मौजूद थे। आरोपी ने कार को एक सुनसान गैरेज में छिपाने की कोशिश की थी।

जांच में बड़ा खुलासा: बिना लाइसेंस के चला रहा था गाड़ी

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सबसे गंभीर बात यह है कि आरोपी के पास गाड़ी चलाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। वह महज ‘शौकिया’ तौर पर गाड़ी चलाना सीख रहा था और इसी दौरान उसने नियंत्रण खो दिया।

  • कड़ी धाराओं में मामला दर्ज: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं (जैसे गैर-इरादतन हत्या का प्रयास) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाना इस अपराध की गंभीरता को और बढ़ा देता है, जिससे उसे जमानत मिलना मुश्किल होगा।
  • गाड़ी मालिक पर भी गिरेगी गाज: कानून विशेषज्ञों के अनुसार, जिस व्यक्ति ने अपनी कार बिना लाइसेंस वाले युवक को चलाने के लिए दी, वह भी इस अपराध में बराबर का भागीदार है। पुलिस अब कार मालिक पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

जनता का आक्रोश और न्याय की मांग

हादसे के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों और मजदूर संगठनों में भारी रोष है। मांग की जा रही है कि आरोपी को ऐसी सख्त सजा दी जाए जो भविष्य में अन्य लापरवाह चालकों के लिए मिसाल बने। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बरेला क्षेत्र के व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों और तेज रफ्तार कारों की चेकिंग के लिए पुलिस को स्थायी चेक-पॉइंट्स बनाने चाहिए।

निष्कर्ष: लापरवाही की भारी कीमत

बरेला की यह घटना एक सबक है कि एक व्यक्ति की छोटी सी लापरवाही और कानून की अनदेखी कैसे कई परिवारों को उजाड़ सकती है। बिना लाइसेंस के सड़क पर उतरना किसी “चलते-फिरते हथियार” की तरह है। अब जब मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, तो घायलों और उनके परिजनों को न्याय की उम्मीद जगी है।

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