जनवरी के मध्य में आते ही संस्कारधानी जबलपुर कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मकर संक्रांति के बाद आमतौर पर तापमान में बढ़ोतरी की उम्मीद की जाती है, लेकिन वर्ष 2026 की शुरुआत में मौसम के मिजाज ने एक बार फिर सबको ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
तापमान में गिरावट और शीतलहर का कहर
जनवरी 15, 2026 को जबलपुर का न्यूनतम तापमान 9.8°C से 11°C के बीच दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी कम है। पिछले 48 घंटों में रात के तापमान में अचानक आई गिरावट ने शीतलहर (Cold Wave) जैसी स्थिति पैदा कर दी है। उत्तरी हवाओं की गति 7 से 10 किमी प्रति घंटा होने के कारण ‘चिल फैक्टर’ बढ़ गया है, जिससे वास्तविक तापमान की तुलना में ठंड कहीं अधिक महसूस हो रही है।
कोहरे का ‘डबल अटैक’ और विजिबिलिटी
ठंड के साथ-साथ शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में घने कोहरे (Dense Fog) का असर देखा जा रहा है। सुबह के समय दृश्यता (Visibility) घटकर मात्र 400 से 800 मीटर तक रह गई है।
- यातायात पर असर: कोहरे के कारण जबलपुर से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें, जैसे गोंडवाना एक्सप्रेस और श्रीधाम एक्सप्रेस, अपने निर्धारित समय से 3 से 5 घंटे की देरी से चल रही हैं।
- सड़क दुर्घटनाओं का खतरा: नेशनल हाईवे पर चलने वाले वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।
‘मावठा’ की आहट: बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से आगामी 24 से 48 घंटों में जबलपुर सहित महाकौशल संभाग के कई जिलों में ‘मावठा’ (बेमौसम बारिश) गिरने की संभावना है। यदि बारिश होती है, तो हवा में नमी बढ़ेगी और गलन वाली ठंड (Piercing Cold) लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
जनजीवन पर प्रभाव: अलाव बने सहारा
कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।
- अलाव का सहारा: शहर के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर लोग अलाव तापकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। नगर निगम ने रैन बसेरों में अतिरिक्त कंबल और हीटरों की व्यवस्था की है।
- बाजारों में सन्नाटा: शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। शाम 7-8 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई है। गर्म कपड़ों और हीटरों की मांग में भारी उछाल आया है।
स्वास्थ्य और कृषि पर असर
- स्वास्थ्य: विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अस्पताल के ओपीडी में सर्दी, खांसी और सांस की तकलीफ वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
- कृषि: किसानों के लिए यह ठंड मिश्रित फल देने वाली है। गेहूं की फसल के लिए ओस और ठंड फायदेमंद है, लेकिन यदि पाला (Frost) गिरता है या ओलावृष्टि होती है, तो दलहनी फसलों (जैसे चना और तुअर) को भारी नुकसान हो सकता है।
मौसम का पूर्वानुमान (अगले 3 दिन)
| दिनांक | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान | स्थिति |
| 16 जनवरी | 10°C | 25°C | कोहरा और आंशिक बादल |
| 17 जनवरी | 12°C | 27°C | हल्की बूंदाबांदी संभव |
| 18 जनवरी | 13°C | 30°C | आसमान साफ, धूप खिलेगी |





